Maalik aur naukar ne Seema ko eksaat choda


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Maalik aur naukar ne Seema ko eksaat choda 

जब गली के सारे आवारा लड़के जान जाएंगे की सीमा के लिए लण्ड का इंतजाम हो गया है तो इसकी तरह आँख नही उठाएंगे। इस तरह सीमा की माँ हर रोज किसी ना किसी लड़के वाले को फोन करती और शादी की बात चलाती। कोई लड़का कार मांगता, कोई कई लाख दहेज़ में मांगता। कुछ लड़के कहते की सीमा की आँख के नीचे काले गड्ढे क्यों है?? सायद ये बीमार है। कुछ सोचते की लगता है दिन रात ये अपने बॉयफ्रेंड से चुदवाती होगी। सायद इसी कारण मरे कमजोरी के इसकी आँख के नीचे गड्ढे हो गए है। 10 15 लड़के सीमा को देखने आये। सबने रिजेक्ट कर दिया। कुछ लड़के तो थोड़े चोदूँ टाइप के थे, कहने लगे उसकी माँ से की सीमा के साथ बाहर जाएंगे। असल में वो सीमा को चोद लेना चाहते।थे, शादी का झांसा देकर। सीमा की माँ बिलकुल नही चाहती थी की उसकी कुंवारी बेटी की सील शादी से पहले टूट जाए। माँ जी जब जवान थी तो एक लड़का उनसे कहने लगा की शादी करेगा। माँ जी भी राजी हो गयी। उस लड़के ने माँ जी को एक होटल में ले जाकर जम कर चोद लिया। बाद में वो दोबारा कभी दखायी नही दिया। इसलिए माँ जी सीमा को लेकर डरती थी। माँ, तुम मेरी फिक्र छोड़।दो! अगर मेरी किस्मत में शादी होगी तो हो जाएगी?? सीमा बोली
पर मैं तेरी माँ हूँ बेटी! मैं कैसे तेरी फिक्र छोड़ सकती हूँ?? माँ जी ने कहा। सीमा एक बड़े से एक्सपोर्ट हाउस में सिलाई का काम करने लगी। सीमा भले ही सुंदर ना हो पर गुनी बहुत थी। वो सिलाई के काम में महारत रखती थी। उसके लिए हुए कपड़ों को बड़ी सफाई रहती थी। हर कोई उसके काम की तारीफ करता था। एक्सपोर्ट हाउस में कपड़ों को सी कर विदेश भेजा जाता था। सीमा को पहले टेस्ट के बाद नौकरी मिल गयी। वो एक्सपोर्ट हाउस में काम करने लगी। वहां पर ढेर सारे कारीगर काम करते थे। जवान लड़के और लड़कियां भी काम करते थे। लड़कियों को लड़कों से बात करना मन था। क्योंकि अक्सर लड़के लड़कियों को पटाकर चोद देते थे। फिर उसको अपने साथ भगा ले जाते थे। ना जाने कितने बिहारी जवान और खूबसूरत लड़की की भगा ले गए थे, इस तरह मजदूर की कमी हो जाती थी। इसलिए मालिक ने नियम निकाला था कि कोई लकड़ी किसी से बात नही करेगी। सीमा को हर महीने 6 हजार मिल जाते थे। ओवरटाइम करने पर 1 2 हजार बढ़ जाता था। सीमा मन लगाकर काम करने लगी। वहाँ पर एक लड़का किशन सीमा को लाइन देने लगा। वो बहुत खूबसूरत था। जैसा नाम था वैसा काम था। उसके घुघराले बाल थी। गोरा गोल चेहरा था। वो बहुत खूबसूरत था। पहले पहल तो सीमा से सोचा की सायद सिटियाबाज टाइप लड़का होगा। सीमा तो उतनी सुन्दर नही है। एक्सपोर्ट हाउस में और भी सुंदर लड़कियाँ लड़कियां है। इसका मतलब ये मुझसे बस चोदने खाने में interested होगा। सीमा से उससे दूरियां बड़ा सी। पर किशन बड़ा सीरियस हो गया। वो गुम शूम गुम शूम सा रहने लगा। साथ वाले कारीगरों ने जब पूछा तो पता चला की सीमा ने उसकी ओर देखना बन्द कर दिया है। इसीलिए वो उदास है। सीमा की सहेलियों ने उसे बताया। आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है धीरे धीरे सीमा उससे पट गयी।
देख सीमा! एक्सपोर्ट हाउस में हम लोग बात नही करेंगे! बस दूर से आँखे मिलाएंगे! वरना हम दोनों की नौकरी जा सकती है ! किशन बोला
सही कहा किशन बोला। शाम को 6 बजे एक्सपोर्ट हाउस में छुट्टी हो जाती थी। किशन और सीमा दोनों बाहर जाकर खूब नैन लड़ते थे। वो साथ में घण्टो घूमने लगे। साथ में समोसा, चाट, खुल्चे खाते। सीमा किशन से पूरी तरह पट गयी। भले ही सीमा की आँख के नीचे काले गड्ढे हो, पर उसके मम्मे बड़े नये नये गोल और ढोस थे। सीमा हमेशा सलवार सूट पहनती थी, और सर्दियों को ऊनि स्वेटर पहनती थी। पर स्वेटर के ऊपर से ही उसके ढोस और कसे मम्मे दीखते थे। किशन ने ताड लिया था कि लौण्डिया कुंवारी और फ्रेश है। इसके मम्मो को आज तक किसी चोदूँ लड़के ने ना ही छुआ है, ना ही दबाया है, ना सहलाया है, और ना ही पिया है। किशन ने ये भी ताड लिया था कि सीमा की गुझिया बड़ी ही रसीली और फ्रेश होगी। किसी भी लोफर लड़के ने सीमा को गुझिया को ना तो चाटा होगा, ना पिया होगा, और ना ही चोदा होगा। किशन बात करते करते सीमा का हाथ पकड़ लेता था। बाजार में ही उसके मम्मो को छू लेता था। उसकी पीठ पर हाथ रखकर वो चलता था। देखकर तो यही लगता था कि किशन सीमा को बस आज ही चोद लेना चाहता था। किशन हर दिन नये नये उपाय ढूंढनें लगा सीमा को चोदने के लिए। किशन भी एक बिहारी था। वो माधुबानी का रहने वाला था। किशन ने अपने कमरे के लड़के से बात की कि रात भर के लिए वो किसी दोस्त के घर टिक जाए। उसने पूछा क्यों तो किशन बोला की एक लौण्डिया को चोदना बजाना है। बिहारी किशन का रूम पार्टनर भी एक बिहारी था। और दुनिया जानती है कि बिहारी कितने चोदूँ होते है। किशन का रूम पार्टनर बोला की बहुत दिनों से उसने भी चूत नही मारी है। उसका लण्ड भी प्यासा है। इस बात पर किशन नाराज हो गया। क्योंकि किशन सायद सीमा से थोड़ा बहुत प्यार करता था। सीमा कोई वेश्या या रंडी नही थी, की जिसका मन करे उसे चोद खा ले। किशन परेशान हो गया। अब सीमा को लेकर वो कहाँ जाए। जिस लड़के का रूम वो मांगता वो सीमा को भी चोदने खाने की बात करता। इधर सीमा दिन पर दिन और जवान हो गयी। उसकी छातियां मीठे दूध से भर गई जैसे संतरे मीठे रस से भर जाते है। अब सीमा को चुदाई की तलब महसूस करने लगी। वो भी चुदासी और अपने यार किशन का लंबा लण्ड खाना चाहती थी। बढ़ते दिनों के साथ सीमा की चूत चूदने को तैयार हो गयी। उसकी योगी परिपक्व होकर नम हो गयी। इतना ही नही सीमा की चूत रसीली होकर हिरन की कस्तूरी की तरह महकने लगी। उसकी आँखों के नीचे के काले गड्ढे भी अब ठीक हो गए जिसे देखते ही हर लड़के ने उससे शादी करने से मना कर दिया था। सीमा इतनी जवान और खूबसूरत लगने लगी की उसके बगल एक्सपोर्ट हाउस का हर जवान लड़का बैठना चाहता था। लड़के उसके आने का घण्टों घण्टों इंतजार करते। सीमा उनको एक नजर भर देख ले, इसके लिए वे बेकरार रहते। इधर किशन दिन पर दिन बेचैन होने लगा। सीमा को मिलन करने को बिलकुल तैयार थी। किशन सोचने लगा की इसे चोदकर रिश्ता मजबूत कर लेना चाहिए। कहीं ऐसा ना हो की सीमा किसी और लड़के से सेट हो जाए। किशन को एक जबरदस्त प्लान सुझा। कुछ महीनो पहले किशन ने एक काली कलूटी लड़की को छोड़ा था उसी के कमरे पर जाकर। वो लड़की किशन पर आसक्त थी। वो किशन पर जान छिड़कती थी। तो क्या था। किशन ने सुबह आकर ही सीमा से बात की। कमरा मिल गया है! किशन बोला।
दोनों ने उस दिन छुट्टी ले ली। किशन सीमा को साड़ी पहनाकर उस लड़की के कमरे पर सुबह 10 बजे ही पहुँच गया। उस बस्ती के सारे किरायदारों ने जाना की आरती से मिलने कोई पति पत्नी आये है। किशन ने आरती को बताया कि वो किसी बहाने ने कुछ समय के लिए बाहर चली जाए। आरती नास्ता लाने के बनाने बाहर चली गयी और बड़े इंतजार के बाद किशन को सीमा को चोदने भांजने का मौका मिल गया। किशन ने दरवाजा में कुंडी दे दी। और सीमा को पकड़ लिया।
बहुत देर लगा दी तुमने किशन! सीमा बोली
देर आये पर दुरुस्त आये सीमा। किशन बोला और उसने सीमा को कस के पकड़।लिया।

Maalik aur naukar ne Seema ko eksaat choda
Maalik aur naukar ne Seema ko eksaat choda

आज मैं तुम्हारे रूप का सारा रस पी लूंगा! किशन बोला और सीधे उसने सीमा की गुलाबी सलवार का नारा।खोल दिया। नारा खींचते ही सलवार नीचे गिर गयी। किशन से सीमा की गुलाबी कमीज भी उतार और उसे गोद में उठाकर बिस्तर पर ले गया। इसी बिस्तर पर किशन से आरती को पटक पटक पर।चोदा था और गला भर कर आरती की कुंवारी चूत को फाड़ फाड़कर लहूलुहान कर दिया था। एक नई कुंवारी चूत फिर से उसी बिस्तर पर। किशन सीमा के नए नए छातियां पिने लगा। सीमा की छातियां फूलकर और बड़ी होने लगी। वो अब चूदने को बिलकुल तैयार थी। किशन ने खुद को नँगा किया तो ये बड़ा सांड जैसा लण्ड लहराने लगा। सीमा की फुद्दी को उसने एक दो बार चूमा ।
किसी से कहना मत की मैंने तुम्हारी चिज्जी देखी है!! किशन बोला।
सीमा की चूत के दरवाजे पर किशन ने अपना सांड जैसा लण्ड रखा तो लगा की नही की इतनी जरा सी चूत में कैसै 10 इंच लम्बा, और 2 इंच मोटा लण्ड कैसी जाएगा। बिना समय बर्बाद किये किशन ने जो धक्का मारा की की लण्ड चूत की दिवार तोड़ता अंदर घुस गया। सीमा चीखने लगी तो किशन ने उसके मुंह पर हाथ रख दिया और चीख बड़ा दी। सीमा को चिकनाई कुंवारी चूत लहूलुहान हो गयी। किशन सीमा को चोदने लगा। सीमा को अपनी नानी याद आ गयी मारे दर्द के। किशन उसे नॉन स्टॉप चोदता रहा। सीमा को दर्द हो रहा था पर फिर भी बेचारी सहती रही और चुदवाती रही। 2 घण्टे बाद आरती लौटी। किशन चाय पीकर वापिस आ गया। इस तरह किशन अब जब मन करता सीमा को साडी बिंदी लगवाकर काली कलूटी आरती के कमरे पर ले जाता और खूब चोदता खाता। सीमा पेट से हो गयी तो किशन ने 2 हजार देकर बच्चा गिरावा दिया। और जब मन करता उसे चोदता बजाता। किशन सीमा को आरती के कमरे पर जाकर खूब बजाता है ना जाने कैसे ये खबर एक्सपोर्ट हाउस के मालिक संदीप राठी को मिल गयी। संदीप को बुलाया गया। राठी बड़ा रंडीबाज टाइप की आदमी था। वो अपने इस एक्सपोर्ट हाउस में हर हसीन टेलर को चोद चूका था। राठी मर्सिडीज से चलता था और सिगार फूंकता था।
ओए किशन! सुना है तू आजकल किसी हसीन कुंवारी लौण्डिया को चोद खा रहा है आरती के कमरे पर ले जाकर ?? राठी ने।पूछा
देख मुझे भी उसकी चूत मारनी है। इस बुड्ढी बूढी औरतों की चूत मारकर मैं बोर हो।चूका हूँ। कबसे एक जवान चूत नही देखी राठी बोला।
मालिक मैं उससे प्यार करता हूँ। उससे ही शादी करूँगा! वो शरीफ लड़की है! किशन बोला।
ओए बहनचोद!! शरीफ लड़कियां अपने आशिक़ को किसी दूसरे के कमरे पर जाकर नही चुद्ववाती है राठी सिगार फुकता हुआ बोला।
तुझे अपनी नौकरी प्यारी है तो उस लौण्डिया की चूत दिलवा! राठी ठेठ गुज्जरी भाषा में बोला। अब किशन के सामने एक और आफत आ गई। अब उसे राठी को सीमा की चूत दिलवानी थी। अगर वो सीमा से कहता तो झगड़ा हो जाता। सायद वो उसे हमेशा के लिए छोड़ देती। किशन ने प्लान बना लिया। 2 हफ्ते बाद शाम के 8 बजे वो सीमा को लेकर आरती के कमरे पर गया। आरती फिर से नास्ता लाने के बहाने बाहर चली गयी। किशन ने सीमा को नंगा कर दिया। वो सीमा की चूत कुत्ते की तरह चाटता रहा। सीमा की चूत गरम होकर जलते कोयले की तरह दहकने लगी। किशन एक मिनट के लिए बाथरूम गया और राठी को फोन कर दिया।
मालिक! लौण्डिया तैयार है, जल्दी आओ और चोद लो!! किशन बोला।
कुछ देर में राठी आरती के कमरे पर आ गया और दरवाजे पर दस्तक देने लगा।
लगता है आरती है! किशन सीमा से बोला। और जैसै ही दरवाजा खोला सामने राठी दिखाई दिया।
मालिक आप?? किशन झूठमूठ हकलाते हुए बोला। नंगी सीमा ने अपने हाथ पैर सिकोड़ लिए और अपने हाथों से अपनी छतियों को ढकने लगी।
ये सब क्या चल रहा है?? राठी झूठमूठ गुस्सा दिखाने लगा।
मालिक! ये मेरी प्रेमिका सीमा है, हम लोग एक दूसरे से प्यार करते है!! किशन झूठमूठ बोला और तभी चुदाई कर रहे हो? याद नही की किसी भी लड़के का एक्सपोर्ट हाउस में किसी लड़की से बात करना, या मिलना झूलना मना है। अब तुम दोनों की नौकरी गयी। कल आकर अपना हिसाब करवा लेना!! राठी झूठमूठ गुस्सा दिखाते बोला।
मालिक!! मुझे और सीमा को नौकरी से मत निकालो!! किशन झूठमूठ बहाना बनाते हुए राठी के पैरों पर गिर गया!! आप जो चाहोगे, हम दोनों करेंगे!! किशन झूठमूठ रोने लगा। उसने सीमा को भी इशारा किया। सीमा को घबरा गई और राठी के पैर पर गिरकर रोने लगी।
मालिक! हमे नौकरी से मत निकालो !! सीमा रोने लगी। मालिक आप चाहो तो सीमा के साथ रात बिता तो मैं बाहर जाता हूँ!! ये बात किसी तीसरे को पता नही चलेगी!! गाण्डू, बहनचोद और चालबाज किशन बोला और सीमा की ओर देखने लगा। सीमा से भी सिर हिला दिया की वो अपनी नौकरी बचाने के लिए मालिक से चूदने को तैयार है। किशन बाहर चला गया। और राठी ने 20 21 साल की नई लौण्डिया सीमा की खूब चूत मारी। सीमा के मालिक से रात भर सीमा को खूब नोचा खाया। उसके चिकने चिकने पैर, गोरी गोरी जांघों को खूब चूसा चाटा। उसकी नयी नही छतियों के मीठे दूध को खूब पिया। सीमा को रात भर चोदकर सुबह राठी चला गया। सीमा इतनी भोली थी की अपने आशिक़ किशन की चाल नहीँ समज पायी।

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